MP Prathmik Shikshak Patrata Pariksha : MP प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026, परीक्षा योजना, सिलेबस और Exam Pattern
MP प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026: परीक्षा योजना, Exam Pattern एवं पाठ्यक्रम
👨🏫 हेतु: सेवारत शिक्षक
📝 कुल प्रश्न: 150 MCQ
🎯 कुल अंक: 150 अंक
⏱️ परीक्षा अवधि: 2 घंटे 30 मिनट
❌ Negative Marking: नहीं
📚 विषय: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन
1. प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 – एक नजर में
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेवारत शिक्षकों हेतु) 2026 के लिए 150 अंकों का एक प्रश्नपत्र होगा। परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित है। प्रश्नपत्र में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय अर्थात MCQ प्रकार के होंगे।
प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा तथा परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) नहीं होगा।
| परीक्षा का बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेवारत शिक्षकों हेतु) – 2026 |
| कुल प्रश्न | 150 प्रश्न |
| कुल अंक | 150 अंक |
| प्रश्न का प्रकार | बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) |
| प्रत्येक प्रश्न | 1 अंक |
| प्रश्न के विकल्प | 4 विकल्प |
| सही विकल्प | एक |
| Negative Marking | नहीं |
| परीक्षा अवधि | 2 घंटे 30 मिनट |
2. परीक्षा योजना (Scheme of Exam)
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का प्रश्नपत्र कुल 150 अंकों का होगा। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की संरचना पाँच अनिवार्य विषयों पर आधारित होगी।
अर्थात प्रत्येक विषय से 30 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक विषय के लिए 30 अंक निर्धारित होंगे।
3. परीक्षा की संरचना एवं विषयवार अंक
| क्र. | विषयवस्तु | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| 1 |
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र Child Development & Pedagogy |
30 | 30 |
| 2 |
भाषा-1 Language-1 |
30 | 30 |
| 3 |
भाषा-2 Language-2 |
30 | 30 |
| 4 |
गणित Mathematics |
30 | 30 |
| 5 |
पर्यावरण अध्ययन Environmental Study |
30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 | |
4. प्रश्नों का प्रकार – MCQ Pattern
पात्रता परीक्षा के सभी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions – MCQ) प्रकार के होंगे।
- सभी प्रश्न Objective/MCQ प्रकार के होंगे।
- प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे।
- चार विकल्पों में से केवल एक विकल्प सही होगा।
- प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा।
- गलत उत्तर के लिए Negative Marking नहीं होगी।
1 प्रश्न → 4 विकल्प → 1 सही विकल्प → 1 अंक
5. क्या सभी विषय अनिवार्य होंगे?
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | अनिवार्य |
| भाषा-1 | अनिवार्य |
| भाषा-2 | अनिवार्य |
| गणित | अनिवार्य |
| पर्यावरण अध्ययन | अनिवार्य |
6. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – 30 अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) से 30 प्रश्न पूछे जाएंगे और कुल 30 अंक होंगे।
अंक: 30
भार: कुल परीक्षा का 20%
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्नों की प्रकृति
इस खंड के प्रश्न 6 से 11 वर्ष आयु समूह के बच्चों के शिक्षण एवं सीखने के शैक्षिक मनोविज्ञान पर आधारित होंगे।
प्रश्नों में बच्चों की विशेषताओं, आवश्यकताओं, विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों के मनोविज्ञान, शिक्षार्थियों के साथ संवाद तथा एक अच्छे facilitator के रूप में शिक्षक की विशेषताओं एवं गुणों की समझ को महत्व दिया जाएगा।
इस खंड में किन बातों पर विशेष ध्यान दें?
- 6-11 वर्ष के बच्चों का शिक्षण एवं सीखना
- शैक्षिक मनोविज्ञान
- बच्चों की विशेषताओं की समझ
- बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताएँ
- विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों का मनोविज्ञान
- शिक्षार्थी के साथ प्रभावी संवाद
- शिक्षक की facilitator के रूप में भूमिका
- अच्छे facilitator की विशेषताएँ एवं गुण
7. भाषा-1 (Language-1) – 30 अंक
भाषा-1 के अंतर्गत 30 प्रश्न होंगे और कुल 30 अंक निर्धारित हैं।
अंक: 30
भाषा-1 के प्रश्न किस आधार पर होंगे?
भाषा-1 के प्रश्न आवेदन पत्र में अभ्यर्थी द्वारा चुनी गई भाषा के माध्यम में कुशलता (Proficiency) पर आधारित होंगे।
इसका अर्थ है कि भाषा-1 में अभ्यर्थी की चुनी गई भाषा में समझ एवं दक्षता को ध्यान में रखते हुए प्रश्न पूछे जाएंगे।
8. भाषा-2 (Language-2) – 30 अंक
भाषा-2 के अंतर्गत भी 30 प्रश्न होंगे और कुल 30 अंक निर्धारित हैं।
अंक: 30
भाषा-2 में भाषा चयन का नियम
भाषा-2, भाषा-1 से पृथक होगी। अर्थात अभ्यर्थी द्वारा भाषा-1 के रूप में चुनी गई भाषा को भाषा-2 के रूप में दोबारा नहीं चुना जा सकेगा।
आवेदक भाषा-2 के लिए निम्न भाषाओं में से कोई एक भाषा चुन सकेंगे:
हिन्दी | अंग्रेजी | संस्कृत | उर्दू
भाषा-2 के प्रश्नों की प्रकृति
भाषा-2 के प्रश्न मुख्य रूप से निम्न क्षमताओं पर आधारित होंगे:
- भाषा के तत्व
- संप्रेषण क्षमता
- समझने की क्षमता
9. भाषा-1 और भाषा-2 में अंतर
| बिंदु | भाषा-1 | भाषा-2 |
|---|---|---|
| प्रश्न | 30 | 30 |
| अंक | 30 | 30 |
| आधार | आवेदन में चुनी गई भाषा में Proficiency | भाषा के तत्व, संप्रेषण एवं समझने की क्षमता |
| भाषा चयन | आवेदन पत्र में चुनी गई भाषा | भाषा-1 से अलग भाषा |
| उपलब्ध विकल्प | स्रोत में विस्तृत सूची नहीं दी गई | हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू |
10. गणित (Mathematics) – 30 अंक
गणित विषय से 30 प्रश्न पूछे जाएंगे और कुल 30 अंक होंगे।
गणित के प्रश्नों की प्रकृति
गणित के प्रश्न केवल विषय की जानकारी पर आधारित नहीं होंगे। दिए गए परीक्षा निर्देश के अनुसार प्रश्न मुख्यतः:
- विषय की अवधारणा (Concept)
- समस्या समाधान (Problem Solving)
- शिक्षाशास्त्र (Pedagogy)
की समझ पर आधारित होंगे।
11. पर्यावरण अध्ययन (Environmental Study) – 30 अंक
पर्यावरण अध्ययन (Environmental Study/EVS) से 30 प्रश्न होंगे और कुल 30 अंक निर्धारित हैं।
EVS के प्रश्नों की प्रकृति
पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न भी तीन प्रमुख क्षेत्रों की समझ पर आधारित होंगे:
- विषय की अवधारणा (Concept)
- समस्या समाधान (Problem Solving)
- शिक्षाशास्त्र (Pedagogy)
अर्थात EVS की तैयारी करते समय केवल तथ्य याद करने के बजाय विषय की अवधारणाओं तथा उन्हें बच्चों के अनुभव और कक्षा-कक्ष शिक्षण से जोड़कर समझना महत्वपूर्ण है।
12. प्रश्नपत्र का पाठ्यक्रम किस आधार पर होगा?
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र में प्रश्न मध्यप्रदेश राज्य के कक्षा 1 से 5 के प्रचलित पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तकों के Topics पर आधारित होंगे।
13. परीक्षा के प्रश्नों का कठिनाई स्तर क्या होगा?
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझना आवश्यक है। प्रश्नों का Content Base प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के प्रचलित पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तकों के Topics पर रहेगा, लेकिन प्रश्नों का Difficulty Level एवं Linkage हाईस्कूल स्तर तक हो सकता है।
कक्षा 1-5 की विषयवस्तु
↓
प्रचलित पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तक के Topics
↓
Concept की गहरी समझ
↓
Problem Solving / Pedagogy
↓
कठिनाई स्तर एवं Linkage हाईस्कूल स्तर तक
इसलिए अभ्यर्थियों को केवल कक्षा 1 से 5 की किताबों की पंक्तियों को याद करने तक अपनी तैयारी सीमित नहीं रखनी चाहिए। दिए गए निर्देश के अनुसार प्रश्नों की कठिनाई और संबद्धता हाईस्कूल स्तर तक हो सकती है।
14. प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 – Complete Exam Pattern
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा-1 | 30 | 30 |
| भाषा-2 | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
15. विषयवार अंक भार (Weightage)
परीक्षा के पाँचों विषयों को समान अंक भार दिया गया है।
| विषय | अंक | प्रतिशत भार |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 20% |
| भाषा-1 | 30 | 20% |
| भाषा-2 | 30 | 20% |
| गणित | 30 | 20% |
| पर्यावरण अध्ययन | 30 | 20% |
| कुल | 150 | 100% |
16. प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 की तैयारी कैसे करें?
परीक्षा योजना को देखते हुए तैयारी को पाँच समान भागों में बाँटना उपयोगी रहेगा। चूँकि प्रत्येक विषय से 30-30 प्रश्न निर्धारित हैं, इसलिए किसी एक विषय को पूरी तरह छोड़कर केवल दूसरे विषयों पर निर्भर रहना उचित रणनीति नहीं होगी।
① बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
- 6-11 वर्ष के बच्चों के मनोविज्ञान पर ध्यान दें।
- बालक की विशेषताओं और आवश्यकताओं को समझें।
- विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों के मनोविज्ञान का अध्ययन करें।
- Teacher-Student Communication पर ध्यान दें।
- Facilitator की भूमिका एवं गुणों को समझें।
- Case/स्थिति आधारित MCQ का अभ्यास करें।
② भाषा-1
- आवेदन में चुनी गई भाषा की Proficiency पर ध्यान दें।
- भाषा समझ एवं अभिव्यक्ति का अभ्यास करें।
- MCQ आधारित भाषा प्रश्नों का अभ्यास करें।
③ भाषा-2
- भाषा-1 से अलग भाषा का चयन सुनिश्चित करें।
- हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत या उर्दू में चुनी गई भाषा पर तैयारी करें।
- भाषा के तत्वों पर ध्यान दें।
- Communication Ability का अभ्यास करें।
- Comprehension/Understanding Ability पर ध्यान दें।
④ गणित
- कक्षा 1 से 5 के Topics को अच्छी तरह समझें।
- Concept Based Questions हल करें।
- Problem Solving का नियमित अभ्यास करें।
- Mathematics Pedagogy पर ध्यान दें।
- प्रश्नों की कठिनाई हाईस्कूल स्तर तक होने की संभावना को ध्यान में रखें।
⑤ पर्यावरण अध्ययन
- कक्षा 1 से 5 के प्रचलित EVS पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन करें।
- Conceptual Questions का अभ्यास करें।
- Problem Solving आधारित प्रश्न हल करें।
- EVS Pedagogy को समझें।
- विषयवस्तु की Linkage को समझकर पढ़ें।
17. परीक्षा में 150 प्रश्न और 150 अंक का क्या अर्थ है?
इस परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है और कुल 150 प्रश्न हैं। इसलिए प्रत्येक सही उत्तर आपके कुल स्कोर में सीधे एक अंक जोड़ता है।
चूँकि Negative Marking नहीं है, इसलिए प्रश्नपत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सभी प्रश्नों को attempt करना महत्वपूर्ण रहेगा।
18. 2 घंटे 30 मिनट में 150 प्रश्न – Time Management
परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट अर्थात 150 मिनट है और कुल 150 प्रश्न होंगे। इस आधार पर औसतन प्रत्येक प्रश्न के लिए लगभग 1 मिनट का समय उपलब्ध होगा।
150 मिनट ÷ 150 प्रश्न = लगभग 1 मिनट प्रति प्रश्न
यह केवल गणितीय औसत है। वास्तविक परीक्षा में कुछ प्रश्नों में कम और कुछ कठिन प्रश्नों में अधिक समय लग सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को Mock Test के दौरान समय प्रबंधन का अभ्यास करना चाहिए।
19. Quick Revision – परीक्षा से पहले याद रखने योग्य बातें
| बिंदु | याद रखें |
|---|---|
| कुल प्रश्न | 150 |
| कुल अंक | 150 |
| परीक्षा अवधि | 2 घंटे 30 मिनट |
| प्रश्न प्रकार | MCQ |
| प्रत्येक प्रश्न | 1 अंक |
| विकल्प | 4 |
| सही विकल्प | 1 |
| Negative Marking | नहीं |
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 प्रश्न / 30 अंक |
| भाषा-1 | 30 प्रश्न / 30 अंक |
| भाषा-2 | 30 प्रश्न / 30 अंक |
| गणित | 30 प्रश्न / 30 अंक |
| पर्यावरण अध्ययन | 30 प्रश्न / 30 अंक |
| मुख्य पाठ्यक्रम आधार | MP कक्षा 1 से 5 |
| कठिनाई स्तर | हाईस्कूल स्तर तक हो सकता है |
20. प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के 20 सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
- यह परीक्षा सेवारत शिक्षकों हेतु प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा है।
- परीक्षा में एक प्रश्नपत्र होगा।
- कुल 150 अंक निर्धारित हैं।
- कुल 150 प्रश्न होंगे।
- परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट है।
- सभी प्रश्न MCQ प्रकार के होंगे।
- हर प्रश्न में चार विकल्प होंगे।
- चार विकल्पों में एक सही विकल्प होगा।
- प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा।
- Negative Marking नहीं होगी।
- सभी पाँच विषय अनिवार्य हैं।
- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से 30 प्रश्न होंगे।
- भाषा-1 से 30 प्रश्न होंगे।
- भाषा-2 से 30 प्रश्न होंगे।
- गणित से 30 प्रश्न होंगे।
- पर्यावरण अध्ययन से 30 प्रश्न होंगे।
- भाषा-2, भाषा-1 से अलग होगी।
- भाषा-2 में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं उर्दू में से भाषा चुनी जा सकती है।
- गणित एवं EVS के प्रश्न Concept, Problem Solving एवं Pedagogy पर आधारित होंगे।
- प्रश्न कक्षा 1 से 5 के Topics पर आधारित होंगे, लेकिन कठिनाई एवं Linkage हाईस्कूल स्तर तक हो सकता है।
21. FAQ – प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026
22. Search Keywords
23. निष्कर्ष – MP Primary TET 2026 की तैयारी का सही तरीका
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेवारत शिक्षकों हेतु) 2026 का पूरा प्रश्नपत्र 150 प्रश्न और 150 अंक का होगा तथा परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होगी। सभी प्रश्न MCQ प्रकार के होंगे और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा। परीक्षा में Negative Marking नहीं होगी।
परीक्षा में पाँचों विषयों को समान महत्व दिया गया है। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन प्रत्येक से 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे।
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न 6 से 11 वर्ष के बच्चों के शिक्षण एवं सीखने के शैक्षिक मनोविज्ञान पर आधारित होंगे। भाषा-1 में चुनी गई भाषा की Proficiency तथा भाषा-2 में भाषा के तत्व, संप्रेषण और समझने की क्षमता पर जोर रहेगा।
गणित और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न Concept, Problem Solving और Pedagogy की समझ पर आधारित होंगे। पूरे प्रश्नपत्र के Topics मध्यप्रदेश के कक्षा 1 से 5 के प्रचलित पाठ्यक्रम/पाठ्यपुस्तकों से लिए जाएंगे, लेकिन प्रश्नों का कठिनाई स्तर एवं सम्बद्धता हाईस्कूल स्तर तक हो सकती है।
24. स्रोत संबंधी महत्वपूर्ण सूचना
यह ब्लॉग पोस्ट उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए “प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेवारत शिक्षकों हेतु) – 2026 हेतु परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम” के पाठ के आधार पर तैयार की गई है।
इस पोस्ट में परीक्षा योजना, प्रश्नों की संख्या, अंक, परीक्षा अवधि, प्रश्नों का प्रकार, भाषा चयन, विषयवस्तु की प्रकृति तथा पाठ्यक्रम के स्तर को मूल दिए गए बिंदुओं के अनुसार व्यवस्थित किया गया है।
नोट: उपलब्ध पाठ में विषयवार अध्याय/Unit की विस्तृत सूची नहीं दी गई है, इसलिए इस पोस्ट में किसी अतिरिक्त अध्याय को आधिकारिक पाठ्यक्रम के रूप में नहीं जोड़ा गया है।
25. Disclaimer / महत्वपूर्ण सूचना
Disclaimer: यह पोस्ट केवल शैक्षणिक एवं सूचना संबंधी उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें दी गई परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराए गए स्रोत के आधार पर सरल एवं व्यवस्थित भाषा में प्रस्तुत की गई है।
परीक्षा से संबंधित अंतिम निर्णय के लिए संबंधित विभाग/प्राधिकरण द्वारा जारी आधिकारिक आदेश, नियमपुस्तिका, अधिसूचना, संशोधन एवं नवीनतम निर्देश को ही मान्य माना जाना चाहिए।
यदि इस ब्लॉग पोस्ट और आधिकारिक दस्तावेज में किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है तो आधिकारिक दस्तावेज ही अंतिम एवं मान्य होगा।
परीक्षा की योजना, पात्रता, भाषा विकल्प, पाठ्यक्रम, परीक्षा तिथि अथवा अन्य नियमों में विभाग द्वारा बाद में परिवर्तन किया जा सकता है।
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