सांदीपनि, मॉडल व उत्कृष्ट विद्यालय में प्राचार्य, उप प्राचार्य, HM पदों पर आवेदन 2026
MP Sandipani Vidyalaya Principal, Vice Principal & HM Selection 2026: प्राचार्य, उप प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक चयन की पूरी जानकारी
मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सांदीपनि विद्यालयों, मॉडल स्कूलों एवं जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रशासनिक पदों पर चयन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस प्रक्रिया में प्राचार्य उमावि, उप प्राचार्य, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला तथा प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला के पद शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों तथा मॉडल स्कूलों में प्राचार्य उमावि के रिक्त पदों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
MP Sandipani Vidyalaya Selection 2026 – संक्षिप्त जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| विभाग | लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश |
| विज्ञापन/आदेश | सांदीपनि स्थापना/176/2026 |
| आदेश दिनांक | 06 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन प्रारंभ | 07 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 16 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन माध्यम | विमर्श पोर्टल |
| पात्र अभ्यर्थी | स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित शिक्षक |
| प्रमुख पद | प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला, प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला |
| प्राचार्य/उप प्राचार्य चयन | लिखित परीक्षा + साक्षात्कार |
| प्रधानाध्यापक चयन | साक्षात्कार |
📌 इस पोस्ट में क्या-क्या मिलेगा?
- संक्षिप्त जानकारी
- योजना एवं चयन का उद्देश्य
- किन पदों पर चयन होगा?
- प्राचार्य पद की पात्रता
- प्राचार्य चयन प्रक्रिया
- उप प्राचार्य पद की पात्रता एवं चयन
- प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला
- प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला
- लिखित परीक्षा पैटर्न
- लिखित परीक्षा पाठ्यक्रम
- रिक्त पदों का विवरण
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- मेरिट एवं पदस्थापना
- FAQ
- Disclaimer
1. सांदीपनि विद्यालय एवं चयन प्रक्रिया की पृष्ठभूमि
विस्तृत विज्ञापन के अनुसार नवीन शिक्षा नीति के अंतर्गत सर्वसंसाधन संपन्न विद्यालयों की स्थापना के उद्देश्य से सांदीपनि विद्यालयों की व्यवस्था की गई है। इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा उच्च दक्षता वाले शिक्षकों की व्यवस्था के लिए प्रशासनिक पदों पर चयन किया जा रहा है।
विज्ञापन में बताया गया है कि प्रथम चरण में प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों के लिए गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्ध प्राचार्य, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला एवं प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला का चयन किया जाना है।
पूर्व से संचालित सांदीपनि विद्यालयों में रिक्त प्रशासनिक पदों को भरने के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके साथ ही 43 जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय एवं 144 मॉडल स्कूलों में प्राचार्य उमावि के रिक्त पदों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
2. किन-किन प्रशासनिक पदों के लिए चयन होगा?
| क्रम | पद | चयन का माध्यम |
|---|---|---|
| 1 | प्राचार्य उमावि | लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार |
| 2 | उप प्राचार्य | लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार |
| 3 | प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला | साक्षात्कार |
| 4 | प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला | साक्षात्कार |
3. प्राचार्य उमावि पद के लिए पात्रता
प्राचार्य पद हेतु कौन आवेदन कर सकता है?
- स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाई स्कूल आवेदन कर सकते हैं।
- विगत तीन शैक्षणिक वर्षों 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम निर्धारित मापदंड के अनुसार होना चाहिए।
- तीनों वर्षों में प्रत्येक वर्ष का परीक्षा परिणाम न्यूनतम 60 प्रतिशत होना चाहिए।
- 01 जनवरी 2026 की स्थिति में आयु 57 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विभागीय जांच/लोकायुक्त/EOW में शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए।
- अभ्यर्थी दण्ड के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।
4. प्राचार्य पद की चयन प्रक्रिया – 100 अंक
प्राचार्य उमावि पद के लिए चयन प्रक्रिया कुल 100 अंकों की निर्धारित की गई है।
| चयन का घटक | अंक |
|---|---|
| विगत 03 वर्षों के निर्धारित बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत | 25 |
| लिखित परीक्षा | 50 |
| साक्षात्कार | 25 |
| कुल | 100 |
4.1 वर्तमान में कार्यरत प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाई स्कूल
वर्तमान में कार्यरत प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाई स्कूल के लिए विगत तीन वर्षों के नामांकन/बोर्ड परीक्षा परिणाम से संबंधित निर्धारित परिणाम का 25 प्रतिशत चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
4.2 प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी / प्रभारी सहायक संचालक / एडीपीसी
यदि प्राचार्य उमावि/प्राचार्य हाई स्कूल पद पर पदांकित व्यक्ति वर्तमान में एडीपीसी, प्रभारी सहायक संचालक अथवा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत है, तो उसके जिले के पिछले तीन वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत गणना में लिया जाएगा।
| घटक | अंक |
|---|---|
| पिछले 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम का औसत | 25 |
| लिखित परीक्षा | 50 |
| साक्षात्कार | 25 |
| कुल | 100 |
4.3 जिला परियोजना समन्वयक (DPC) के लिए विशेष प्रावधान
जिले में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक के लिए चयन प्रक्रिया में उनके डीपीसी पद पर कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों के लिए कुल आवंटित वार्षिक राशि के लक्ष्य के विरुद्ध किए गए व्यय के प्रतिशत को आधार बनाया जाएगा।
पिछले तीन वर्षों के औसत व्यय प्रतिशत का निर्धारित 25 प्रतिशत चयन में लिया जाएगा। यदि किसी डीपीसी का कार्यकाल तीन वर्ष से कम है तो जितने वर्षों तक डीपीसी पद पर कार्य किया गया है, उतने वर्षों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया जाएगा तथा शेष अवधि के लिए पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत को आधार बनाया जाएगा।
4.4 राज्य स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत प्रभारी सहायक संचालक
राज्य शिक्षा केन्द्र, लोक शिक्षण संचालनालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि राज्य स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत प्रभारी सहायक संचालकों के लिए पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के पिछले तीन वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम तथा शेष चयन प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अपनाई जाएगी।
4.5 विकासखण्ड स्तरीय प्रभारी सहायक संचालक
विकासखण्ड स्तरीय प्रभारी सहायक संचालकों के लिए भी पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के पिछले तीन वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं शेष चयन प्रक्रिया उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार अपनाई जाएगी।
5. लिखित परीक्षा में न्यूनतम अंक एवं मेरिट
- लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए पात्र माना जाएगा।
- यदि रिक्त पदों के अनुपात में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या कम रहती है, तो लिखित परीक्षा के न्यूनतम अंकों में शिथिलता दी जा सकती है।
- चयन प्रक्रिया में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
- मेरिट के क्रम के अनुसार प्राचार्यों की पदस्थापना की जाएगी।
- मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या चयन हेतु नया विज्ञापन जारी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगी।
6. उप प्राचार्य पद – पात्रता एवं चयन प्रक्रिया
उप प्राचार्य पद हेतु पात्रता
- व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत लोकसेवक आवेदन कर सकते हैं।
- विगत तीन वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के विषयमान से कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम को देखा जाएगा।
- यदि अभ्यर्थी प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर चुका है तो निर्धारित स्थिति में कक्षा 10वीं अथवा 12वीं के परीक्षा परिणाम को भी आधार बनाया जा सकता है।
- 01.01.2026 की स्थिति में आयु 57 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विभागीय जांच/लोकायुक्त/EOW में शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए।
- अभ्यर्थी दण्ड के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।
6.1 उप प्राचार्य की चयन प्रक्रिया – 100 अंक
| चयन घटक | अंक |
|---|---|
| विगत 03 वर्षों के निर्धारित बोर्ड परीक्षा परिणाम का औसत – 25 प्रतिशत | 25 |
| लिखित परीक्षा | 50 |
| साक्षात्कार | 25 |
| कुल | 100 |
6.2 एडीपीसी/एपीसी/प्रभारी सहायक संचालक/प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी
यदि अभ्यर्थी एडीपीसी/एपीसी, प्रभारी सहायक संचालक अथवा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत है, तो उसके जिले के तीन वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत गणना में लिया जाएगा।
6.3 उप प्राचार्य पद के लिए DPC प्रावधान
जिला परियोजना समन्वयक के लिए पिछले तीन वर्षों में उनके कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों को आवंटित वार्षिक राशि के लक्ष्य के विरुद्ध किए गए व्यय प्रतिशत के औसत का 25 प्रतिशत गणना में लिया जाएगा। तीन वर्ष से कम कार्यकाल होने पर उपलब्ध वर्षों के आंकड़ों के साथ शेष अवधि के लिए पूर्व विद्यालय के कक्षा 10वीं परिणाम का निर्धारित आधार लिया जाएगा।
6.4 उप प्राचार्य के लिए अन्य कार्यालयीन पद
राज्य स्तरीय कार्यालयों तथा राज्य शिक्षा केन्द्र, लोक शिक्षण संचालनालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि में कार्यरत प्रभारी सहायक संचालकों के लिए पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं शेष प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुसार रहेगी।
विकासखण्ड स्तरीय प्रभारी सहायक संचालकों के लिए भी पूर्व विद्यालय के विगत तीन वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं शेष चयन प्रक्रिया उसी आधार पर अपनाई जाएगी।
6.5 उप प्राचार्य के लिए न्यूनतम लिखित परीक्षा अंक
- लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।
- इसके आधार पर अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए पात्र होगा।
- अभ्यर्थियों की संख्या कम होने पर न्यूनतम अंक में शिथिलता दी जा सकती है।
- अंतिम मेरिट चयन प्रक्रिया में प्राप्त अंकों के आधार पर बनेगी।
- मेरिट सूची अधिकतम तीन वर्ष या नवीन विज्ञापन जारी होने तक मान्य होगी।
7. प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला – पात्रता एवं चयन
पात्रता
- स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला आवेदन कर सकते हैं।
- 01.01.2026 की स्थिति में आयु 57 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विभागीय जांच/लोकायुक्त/EOW में शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए।
- अभ्यर्थी दण्ड के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।
चयन प्रक्रिया – 50 अंक
| घटक | अंक |
|---|---|
| विगत 03 वर्षों के कक्षा 8वीं के परीक्षा परिणाम के औसत का 30 प्रतिशत | 30 |
| साक्षात्कार | 20 |
| कुल | 50 |
प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला का चयन साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। साक्षात्कार में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को पात्र माना जाएगा।
चयन प्रक्रिया में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और मेरिट क्रम के अनुसार प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला की पदस्थापना की जाएगी। मेरिट सूची अधिकतम तीन वर्ष या नवीन विज्ञापन जारी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगी।
8. प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला – पात्रता एवं चयन
पात्रता
- स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला आवेदन कर सकते हैं।
- 01.01.2026 की स्थिति में आयु 57 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- विभागीय जांच/लोकायुक्त/EOW में शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए।
- अभ्यर्थी दण्ड के प्रभाव में नहीं होना चाहिए।
चयन प्रक्रिया – 50 अंक
| घटक | अंक |
|---|---|
| विगत 03 वर्षों के निर्धारित परीक्षा परिणाम के औसत का 30 प्रतिशत | 30 |
| साक्षात्कार | 20 |
| कुल | 50 |
प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला का चयन साक्षात्कार के माध्यम से होगा। साक्षात्कार में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी मेरिट क्रम में प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला की पदस्थापना की जाएगी। मेरिट सूची अधिकतम तीन वर्ष या नवीन विज्ञापन जारी होने तक मान्य रहेगी।
9. लिखित परीक्षा का पैटर्न
प्राचार्य एवं उप प्राचार्य पदों की चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा महत्वपूर्ण घटक है। पाठ्यक्रम में कुल 50 अंक की लिखित परीक्षा का प्रावधान दिया गया है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| कुल लिखित परीक्षा अंक | 50 |
| कुल इकाइयां | 5 |
| प्रत्येक इकाई से प्रश्न | 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न |
| कुल प्रश्न | 50 |
| सही उत्तर | +1 अंक |
| गलत उत्तर | -0.25 अंक |
| लिखित परीक्षा में पात्रता | न्यूनतम 60 प्रतिशत, निर्धारित प्रावधानों के अधीन |
10. लिखित परीक्षा पाठ्यक्रम – 5 प्रमुख इकाइयां
Unit 1 – प्रशासनिक दक्षता एवं सेवा नियम
इस इकाई में विद्यालय प्रशासन से जुड़े सेवा नियमों एवं प्रशासनिक दक्षता से संबंधित विषय शामिल हैं।
- सेवापुस्तिका संधारण: Service Book की प्रविष्टि, सत्यापन, द्वितीय प्रति एवं डिजिटल संधारण के नियम।
- सिविल सेवा नियम: मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम की बुनियादी धाराएं।
- भर्ती एवं पेंशन: मध्यप्रदेश सिविल सेवा भर्ती नियम, NPS तथा पारंपरिक पेंशन नियम।
- अवकाश नियम: आकस्मिक, अर्जित, अर्ध-वेतन, चिकित्सा, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता तथा स्वीकृति प्रक्रिया।
- संसाधन अनुकूलन: सीमित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ में कार्य विभाजन, समय-सारणी प्रबंधन तथा मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग।
Unit 2 – वित्तीय प्रबंधन, भण्डार क्रय एवं लेखा नियम
- मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम: संशोधित भण्डार क्रय नियम तथा GeM – Government e-Marketplace के माध्यम से क्रय।
- क्रय एवं अपलेखन: Tender प्रक्रिया, quotation आमंत्रण तथा अनुपयोगी/अक्रियाशील सामग्री के Write-off की प्रक्रिया एवं अधिकार।
- पंजी/अभिलेख संधारण: Cash Book, Ledger, Consumable एवं Non-Consumable Stock Register, मिलान तथा Audit के नियम।
- वेतन निर्धारण: वेतन Fixation, Increment, सातवें वेतनमान के प्रावधान एवं Arrear गणना।
- वित्तीय अधिकार: प्राचार्य को प्राप्त वित्तीय शक्तियों की सीमाएं तथा DDO के कर्तव्य।
Unit 3 – शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं एवं अकादमिक दक्षता
- कक्षा संचालन: KG से 12वीं तक सांदीपनि विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षण सामग्री (TLM) के आधार पर कक्षाओं का सुचारू संचालन।
- विद्यार्थी ट्रैकिंग: दैनिक उपस्थिति, Digital Attendance, Classwork एवं Homework की नियमित मॉनिटरिंग।
- परीक्षा प्रबंधन: CCE, त्रैमासिक/अर्धवार्षिक/वार्षिक एवं बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन, प्रश्नपत्र निर्माण तथा परिणाम विश्लेषण।
- सह-शैक्षणिक गतिविधियां: खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान मेला, बाल संसद, Eco Club एवं अन्य Co-curricular activities।
- अकादमिक पर्यवेक्षण: Lesson Plan की समीक्षा तथा Remedial Teaching का प्रबंधन।
Unit 4 – मानव संसाधन एवं समुदाय समन्वय
- Stakeholders Coordination: शिक्षक, पालक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक समुदाय के साथ रचनात्मक समन्वय।
- बैठक प्रबंधन: Staff Council, PTA एवं समुदाय की बैठकों के Agenda का निर्माण, Minutes Book लेखन तथा निर्णयों का क्रियान्वयन।
- SMC/SMDC: शाला प्रबंध समिति एवं शाला प्रबंध एवं विकास समिति का विधिक गठन, संरचना, अधिकार एवं कार्यक्षेत्र।
- विवाद निवारण: विद्यालय के भीतर एवं बाहर उत्पन्न प्रशासनिक/व्यक्तिगत विवादों का शासकीय नियमों के दायरे में समाधान।
- शिक्षक कार्य मूल्यांकन: टाइम-टेबल एवं विषय आवंटन, कार्यभार आकलन, Self-Appraisal, Peer Review तथा Feedback।
Unit 5 – शासकीय योजनाएं, कानून एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति
- छात्र कल्याणकारी योजनाएं: मध्यप्रदेश शासन एवं भारत सरकार की छात्रवृत्तियां, साइकिल/लैपटॉप वितरण, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश योजना।
- मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना।
- निःशुल्क ई-स्कूटी योजना।
- कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना।
- प्रतिभा किरण योजना।
- विक्रमादित्य योजना।
- समग्र शिक्षा अभियान।
- सांदीपनि विद्यालय योजना।
- उत्कृष्ट विद्यालय योजना।
- मॉडल स्कूल योजना।
- RTE Act, 2009: प्रमुख धाराएं, 25% निःशुल्क प्रवेश, बच्चों के अधिकार एवं विद्यालय की जिम्मेदारियां।
- NEP: 5+3+3+4 संरचना, मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण।
- NCF: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के प्रमुख सिद्धांत, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति एवं Competency-based Education।
- RTI Act, 2005: PIO के रूप में प्राचार्य के दायित्व, समय-सीमा तथा अपील प्रावधान।
11. प्रशासनिक दक्षता एवं उप प्राचार्य स्तर की प्रमुख तैयारी
पाठ्यक्रम में विद्यालय के दैनिक प्रशासन से लेकर अकादमिक गुणवत्ता, School Development Planning, समुदाय समन्वय, वित्तीय अनुशासन एवं विद्यालय की छवि निर्माण तक के विषयों को भी महत्व दिया गया है।
विद्यालय का दैनिक संचालन
- प्रार्थना सभा (Assembly) एवं अनुशासन व्यवस्था।
- आकस्मिक अवकाश पर शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था/Arrangement।
- विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की निगरानी।
- लगातार अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों से संपर्क।
- Classwork एवं Homework की मॉनिटरिंग।
- शिक्षकों को अकादमिक Feedback देना।
- Slow Learners की पहचान एवं विशेष कक्षाओं की रणनीति।
Academic Quality Management एवं Innovation
- कक्षा KG से 12वीं तक विषयवार Hard Spots की पहचान।
- Digital Classroom एवं Smart Board का उपयोग।
- कबाड़ से जुगाड़ आधारित TLM।
- Play-way Method का प्रयोग।
- Teacher's Diary एवं Student's Diary का नियमित उपयोग।
- Olympiad, NTSE, NMMS एवं बोर्ड परीक्षा जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी।
School Development Planning – SDP
- वार्षिक School Development Plan तैयार करना।
- भौतिक एवं अकादमिक आवश्यकताओं का आकलन।
- Classroom Observation एवं Peer Observation।
- शिक्षण विधियों में गुणात्मक सुधार।
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों एवं अभियानों का समयबद्ध क्रियान्वयन।
- U-DISE+ एवं अन्य शैक्षणिक पोर्टलों पर डेटा प्रबंधन।
Community Coordination एवं Public Relations
- SMC एवं विद्यालय नेतृत्व समिति की बैठकों में सहयोग।
- आंतरिक Staff Meetings का प्रभावी संचालन।
- Team Work को बढ़ावा देना।
- पालक/अभिभावक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक समन्वय।
- प्रशासनिक अधिकारियों एवं मीडिया के साथ गरिमापूर्ण संवाद।
- विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं नवाचारों का प्रचार-प्रसार।
प्रशासन, वित्त एवं स्टॉक
- सिविल सेवा आचरण नियम।
- अवकाश नियम।
- Establishment संबंधी सरकारी पत्राचार।
- संविदा/Outsourcing नियम।
- शासकीय क्रय में पारदर्शिता।
- वित्तीय अनुशासन।
- Stock Register का संधारण।
- भण्डारण एवं भौतिक सत्यापन।
- अपलेखन (Write-off) की प्रक्रिया।
12. रिक्त पदों का विस्तृत विवरण
विज्ञापन के साथ संलग्न रिक्ति तालिकाओं में जिला, विकासखण्ड, विद्यालय का नाम, DISE Code, Subject Panel, Post Code, Sanction Post, Working Employee और Vacant Post जैसी जानकारियां दी गई हैं। प्रत्येक संलग्न तालिका में यह भी उल्लेख है कि रिक्तियां परिवर्तनशील हैं।
| पद/विद्यालय श्रेणी | संलग्न सूची में प्रदर्शित रिक्त पद |
|---|---|
| जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय – प्राचार्य उमावि | 15 |
| सांदीपनि विद्यालय – प्राचार्य उमावि | 176 |
| मॉडल स्कूल – प्राचार्य उमावि | 117 |
| सांदीपनि विद्यालय – उप प्राचार्य | 115 |
| सांदीपनि विद्यालय – प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला | 151 |
| सांदीपनि विद्यालय – प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला | 150 |
| संलग्न तालिकाओं में प्रदर्शित कुल | 724 |
13. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
विज्ञापन में विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए Education Portal 3.0 तथा Vimarsh Portal का उल्लेख किया गया है।
- विमर्श पोर्टल पर जाएं।
- संबंधित प्रशासनिक पद के लिए उपलब्ध आवेदन विकल्प चुनें।
- अपनी पात्रता एवं सेवा संबंधी विवरण ध्यानपूर्वक जांचें।
- वांछित जानकारी दर्ज करें।
- आवश्यक विवरण/दस्तावेजों की जांच करें।
- आवेदन को अंतिम रूप से Submit करें।
- आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें।
- Submitted Application/प्राप्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
14. अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें
- यह प्रक्रिया सामान्य बाहरी भर्ती के बजाय विभागीय कार्यरत नियमित शिक्षकों के चयन/पदांकन से संबंधित है।
- आवेदन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित शिक्षक होना आवश्यक है।
- प्राचार्य एवं उप प्राचार्य के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों महत्वपूर्ण हैं।
- प्राचार्य एवं उप प्राचार्य की चयन प्रक्रिया कुल 100 अंकों की है।
- लिखित परीक्षा 50 अंकों की है।
- सही उत्तर पर 1 अंक मिलेगा।
- गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती होगी।
- लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक का प्रावधान है, निर्धारित शिथिलता प्रावधान को छोड़कर।
- प्रधानाध्यापक माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पदों का चयन साक्षात्कार से होगा।
- प्रधानाध्यापक पदों की चयन प्रक्रिया 50 अंकों की है।
- प्रधानाध्यापक पद के साक्षात्कार में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।
- आयु सीमा संबंधी गणना 01.01.2026 के आधार पर है।
- लोकायुक्त/EOW/विभागीय जांच एवं दण्ड संबंधी शर्तों का ध्यान रखना आवश्यक है।
- रिक्त पदों की सूची परिवर्तनशील है।
15. परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
प्राचार्य एवं उप प्राचार्य पद के अभ्यर्थियों को केवल सामान्य शिक्षा संबंधी जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पाठ्यक्रम में प्रशासन, वित्त, सेवा नियम, अकादमिक प्रबंधन, सरकारी योजनाएं, RTE, NEP, NCF और RTI जैसे विषय शामिल हैं।
तैयारी के प्रमुख क्षेत्र
- मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम।
- मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम।
- सेवापुस्तिका एवं स्थापना संबंधी कार्य।
- अवकाश नियम।
- NPS एवं पेंशन से संबंधित मूलभूत जानकारी।
- भण्डार क्रय नियम।
- GeM Portal से संबंधित प्रक्रिया।
- Cash Book, Ledger एवं Stock Register।
- Audit एवं वित्तीय अनुशासन।
- DDO के दायित्व।
- CCE एवं परीक्षा प्रबंधन।
- Board Examination Result Analysis।
- Lesson Plan एवं Remedial Teaching।
- SMC/SMDC/PTA प्रबंधन।
- RTE Act 2009।
- NEP एवं 5+3+3+4 संरचना।
- NCF एवं Competency-based Education।
- RTI Act 2005।
- समग्र शिक्षा एवं मध्यप्रदेश की प्रमुख शिक्षा योजनाएं।
- विद्यालय नेतृत्व एवं School Development Plan।
16. एक नजर में पूरी चयन प्रक्रिया
| पद | पात्रता का प्रमुख आधार | चयन | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| प्राचार्य उमावि | नियमित प्राचार्य उमावि/हाई स्कूल, निर्धारित परिणाम, आयु सीमा | लिखित + साक्षात्कार | 100 |
| उप प्राचार्य | व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक, निर्धारित परिणाम, आयु सीमा | लिखित + साक्षात्कार | 100 |
| प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला | कार्यरत प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला | साक्षात्कार | 50 |
| प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला | कार्यरत प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला | साक्षात्कार | 50 |
17. महत्वपूर्ण तिथियां
| गतिविधि | तिथि |
|---|---|
| विज्ञापन/आदेश | 06 अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ | 07 अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि | 16 अक्टूबर 2026 |
18. Frequently Asked Questions – FAQ
प्रश्न 1. सांदीपनि विद्यालय प्राचार्य चयन 2026 के आवेदन कब से होंगे?
प्रश्न 2. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
प्रश्न 3. कौन आवेदन कर सकता है?
प्रश्न 4. प्राचार्य पद का चयन कैसे होगा?
प्रश्न 5. उप प्राचार्य पद का चयन कैसे होगा?
प्रश्न 6. प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला का चयन कैसे होगा?
प्रश्न 7. प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला का चयन कैसे होगा?
प्रश्न 8. लिखित परीक्षा कितने अंकों की होगी?
प्रश्न 9. लिखित परीक्षा में कितने प्रश्न होंगे?
प्रश्न 10. क्या Negative Marking है?
प्रश्न 11. लिखित परीक्षा में न्यूनतम कितने अंक चाहिए?
प्रश्न 12. प्राचार्य चयन प्रक्रिया कितने अंकों की है?
प्रश्न 13. प्राचार्य चयन में बोर्ड परीक्षा परिणाम का कितना महत्व है?
प्रश्न 14. प्रधानाध्यापक चयन कितने अंकों का है?
प्रश्न 15. आयु सीमा कितनी है?
प्रश्न 16. क्या मॉडल स्कूल के प्राचार्य पद भी शामिल हैं?
प्रश्न 17. क्या जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों के प्राचार्य पद शामिल हैं?
प्रश्न 18. क्या रिक्त पदों की संख्या अंतिम है?
19. आधिकारिक स्रोत एवं महत्वपूर्ण पोर्टल
विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए विभाग द्वारा Education Portal 3.0 तथा Vimarsh Portal का उल्लेख किया गया है।
अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम निर्देश, पात्रता, रिक्ति, पद कोड एवं आवेदन संबंधी विवरण अवश्य जांचें।
20. निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, मॉडल स्कूल एवं जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों को प्रभावी शैक्षणिक नेतृत्व प्रदान करने के उद्देश्य से यह चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। इसमें प्राचार्य एवं उप प्राचार्य पदों के लिए लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार को प्रमुख आधार बनाया गया है, जबकि प्रधानाध्यापक प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला पदों के लिए साक्षात्कार आधारित चयन प्रक्रिया रखी गई है।
प्राचार्य एवं उप प्राचार्य पदों के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यापक है। इसमें केवल शैक्षणिक विषय ही नहीं बल्कि सेवा नियम, वित्तीय प्रबंधन, भण्डार क्रय, अकादमिक नेतृत्व, मानव संसाधन प्रबंधन, सरकारी योजनाएं, RTE, NEP, NCF और RTI जैसे विषय शामिल हैं।
इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन करने के साथ-साथ पाठ्यक्रम के प्रत्येक यूनिट की व्यवस्थित तैयारी करनी चाहिए। विशेष रूप से Negative Marking को ध्यान में रखते हुए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी एवं नियमों की तथ्यात्मक समझ पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा।
Disclaimer / अस्वीकरण
यह पोस्ट MP EDUCATION GYAN DEEP द्वारा उपलब्ध कराए गए विभागीय विज्ञापन/ आदेश की जानकारी को सरल एवं व्यवस्थित भाषा में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। पात्रता, रिक्त पद, पद कोड, आवेदन प्रक्रिया, तिथि अथवा चयन संबंधी किसी भी बिंदु में अंतिम निर्णय संबंधित विभाग/अधिकृत पोर्टल के निर्देशों के अनुसार होगा।
पाठकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश तथा संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध मूल विज्ञापन और नवीनतम निर्देश अवश्य देखें। किसी त्रुटि, परिवर्तन अथवा संशोधन की स्थिति में आधिकारिक आदेश को ही अंतिम एवं मान्य माना जाएगा।
Source: लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी सांदीपनि विद्यालय/मॉडल स्कूल/जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय प्रशासनिक पद चयन संबंधी विज्ञापन, दिनांक 06-10-2026।


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