Wash on Wheel (ss-wow) MP : अब 'स्वच्छता साथी' एप से होगी स्कूलों के टॉयलेट की सफाई, लोक शिक्षण संचालनालय का आदेश जारी
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शौचालयों की सफाई के लिए 'स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील (ss-wow)' सेवा अनिवार्य। जानिए क्या है आदेश, कितनी है फीस और एप डाउनलोड करने की प्रक्रिया। पूरी जानकारी पढ़ें।
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मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), भोपाल ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों (संस्थाओं) के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। दिनांक 12 जनवरी 2026 को जारी इस आदेश के अनुसार, अब स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई के लिए "स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील (ss-wow)" सेवा का उपयोग किया जाएगा।
आइए जानते हैं इस आदेश की मुख्य बातें और यह 'स्वच्छता साथी' एप कैसे काम करेगा।
क्या है 'स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील (ss-wow)' सेवा?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई के लिए "स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील (ss-wow)" सेवा शुरू की गई है। यह "मांग एवं पूर्ति" (Demand and Supply) के सिद्धांत पर आधारित एक ऑनलाइन सेवा है।
इस सेवा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना और स्थानीय 'स्वच्छता साथियों' को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसे मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लोकार्पित किया गया था।
आदेश के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक/भवन/एफ/ss-wow/2025/2679 के अनुसार:
- एप आधारित सेवा: यह पूरी तरह से मोबाइल एप पर आधारित सेवा है। संस्था प्रमुख (प्राचार्य/प्रधानाध्यापक) मोबाइल एप के माध्यम से सफाई के लिए रिक्वेस्ट (मांग) भेज सकते हैं।
- सफाई शुल्क (Cleaning Charges): संस्थागत शौचालयों की सफाई के लिए फीस मात्र 200/- रुपये निर्धारित की गई है।
- भुगतान प्रक्रिया: इस सेवा का भुगतान संस्था में उपलब्ध राशि (School Funds) से किया जा सकता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनिवार्य: यह आदेश मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित समस्त संस्थाओं के लिए है।
संस्था प्रमुखों (Principals) को क्या करना होगा?
आदेश के अनुसार, सभी प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
- एप डाउनलोड करें: सभी प्राचार्य Google Play Store से "Swachhata Saathi App" डाउनलोड करें।
- सफाई की बुकिंग: आवश्यकतानुसार एप के माध्यम से शौचालय की सफाई हेतु रिक्वेस्ट भेजें।
- रिकॉर्ड संधारण: किए गए भुगतान और सफाई कार्य का विवरण शाला अभिलेखों में व्यवस्थित रूप से संधारित करें।
- स्वच्छता सुनिश्चित करें: इस सेवा के माध्यम से शाला शौचालयों को नियमित रूप से स्वच्छ रखा जाए।
'स्वच्छता साथी' अभियान की प्रगति
पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, अभी तक इस नवाचार के तहत जिलों में 1300 से अधिक स्वच्छता साथियों को चिह्नित किया गया है और 1185 को पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है। साथ ही, 27132 गांवों को मैप कर 1301 क्लस्टर बनाए गए हैं।
Lok Shikshan Sanchanalaya Circular 12-01-2026
यह कदम स्कूलों में स्वच्छता (Hygiene) के स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा। अक्सर ग्रामीण स्कूलों में सफाई कर्मियों की कमी की समस्या रहती थी, जिसे इस 'ऑन डिमांड' सर्विस से हल किया जा सकेगा।
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