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MP Govt Transfer Policy 2026 : मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी स्थानांतरण नीति जारी; यहाँ देखें प्रतिबंध अवधि के नियम व समय-सीमा

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MP Govt Transfer Policy 2026
MP Govt Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी स्थानांतरण नीति 2026 जारी; e-Office से ऑनलाइन होंगे तबादले, देखें नियम व निर्देश

प्रकाशित तिथि: मई 22, 2026 | श्रेणी: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD MP) / कर्मचारी कल्याण

विभाग: सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश शासन (मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल)
आदेश क्रमांक: GAD/4/0001/2026-GAD-9-01 | भोपाल, दिनांक: 22 मई, 2026

मध्य प्रदेश शासन के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना को सुव्यवस्थित करने के लिए "स्थानान्तरण नीति-2026" की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह नीति प्रशासनिक स्तर पर होने वाले फेरबदल और स्वैच्छिक तबादलों को पारदर्शी बनाने के लिए तैयार की गई है।

मध्य प्रदेश स्थानांतरण नीति 2026, MP Govt Employees Transfer Policy 2026
MP Govt Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी स्थानांतरण नीति जारी; यहाँ देखें प्रतिबंध अवधि के नियम व समय-सीमा
MP GAD ने राज्य एवं जिला स्तर पर कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति 2026 जारी कर दी है। ट्रांसफर की समय-सीमा, प्रभारी मंत्री का अनुमोदन, प्रतिबंध अवधि की अपवादिक परिस्थितियां और अतिशेष शिक्षकों के नियम यहाँ विस्तार से समझें।
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इस नीति के अंतर्गत स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, गृह विभाग सहित विभिन्न विभागों के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और राजपत्रित अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर बेहद सख्त मार्गदर्शी सिद्धांत तय किए गए हैं। आइए इस पोस्ट में नई नीति की समय-सीमा, प्रक्रिया, प्रतिबंध अवधि के अपवाद और अतिशेष (Surplus) कर्मचारियों से जुड़े नियमों को विस्तार से समझते हैं।

📅 स्थानांतरण की अवधि एवं मुख्य प्रक्रिया (Time Limit)

  • स्थानांतरण अवधि: प्रदेश में राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण करने की प्रक्रिया दिनांक 01.06.2026 से 15.06.2026 तक की अवधि के बीच संपन्न की जाएगी।
  • प्रतिबंध अवधि: दिनांक 15 जून 2026 के बाद सामान्य स्थानांतरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इस अवधि के बाद ई-ऑफिस (e-Office) में किए गए स्थानांतरण आदेश स्वमेव शून्य माने जाएंगे और उनका पालन नहीं किया जाएगा।
  • जिले के भीतर तबादले: जिला संवर्ग के कर्मचारियों तथा राज्य संवर्ग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जिले के भीतर स्थानांतरण जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरांत किया जाएगा, जिसे विभागीय जिला अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया जाएगा।
  • जिले के बाहर/राज्य स्तर पर तबादले: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के राज्य स्तरीय तबादले विभागीय भारसाधक मंत्री के अनुमोदन उपरांत प्रशासकीय विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में यह अधिकार मंत्री के अनुमोदन उपरांत विभागाध्यक्ष को होगा।

🛑 स्थानांतरण नीति के दायरे से बाहर (Exclusions)

यह स्थानांतरण नीति निम्नलिखित विशेष सेवाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी:

  • मध्यप्रदेश संवर्ग के अखिल भारतीय सेवाएं (IAS/IPS/IFS)
  • मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा
  • राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) एवं राज्य पुलिस सेवा (SPS)
  • राज्य वन सेवा एवं मध्यप्रदेश मंत्रालय सेवा

⚠️ प्रतिबंध अवधि के दौरान अपवादिक परिस्थितियां (Exceptions)

प्रतिबंध अवधि (15 जून के बाद) के दौरान सामान्यतः तबादले नहीं होंगे, लेकिन केवल इन विशेष अपवादिक परिस्थितियों में माननीय मुख्यमंत्री जी के समन्वय में या विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन से आदेश जारी किए जा सकेंगे:

  1. गंभीर बीमारी: कैंसर, लकवा, हृदयाघात या पक्षाघात इत्यादि से उत्पन्न तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर।
  2. न्यायालयीन निर्णय: ऐसे अदालती आदेश जिनके अनुपालन के अतिरिक्त कोई अन्य विधिक विकल्प शेष न हो।
  3. प्रशासनिक कार्रवाई/शिकायत: गंभीर शिकायत, अनियमितता या लापरवाही के मामलों में जहां विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा चुकी हो।
  4. आपराधिक प्रकरण: लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू (EOW) या पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर जांच प्रभावित न होने की दृष्टि से।
  5. पद रिक्ति का प्रतिशत नियम: निलंबन, सेवानिवृत्ति या पदोन्नति के कारण रिक्त पदों की पूर्ति की जा सकेगी, बशर्ते स्थानांतरण के कारण मूल संस्था में रिक्त पदों का प्रतिशत नई संस्था के रिक्त प्रतिशत से अधिक न हो रहा हो।

📈 संवर्गवार अधिकतम स्थानांतरण की सीमा (Transfer Percentage Caps)

प्रत्येक पद या संवर्ग में पूरे वर्ष के दौरान प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानांतरण कुल कार्यरत संख्या के आधार पर एक निश्चित प्रतिशत तक ही सीमित रहेंगे:

क्र. पद/संवर्ग की संख्या (कार्यरत आधार पर) अधिकतम स्थानांतरण की संख्या/प्रतिशत
1 200 तक पद होने पर अधिकतम 20%
2 201 से 1000 तक पद होने पर 40 + [(कुल पद - 200) × 15/100]
3 1001 से 2000 तक पद होने पर 160 + [(कुल पद - 1000) × 10/100]
4 2001 से अधिक पद होने पर 260 + [(कुल पद - 2000) × 5/100]

🏫 स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विशेष नियम

  • अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण: जिन विद्यालयों/महाविद्यालयों में विषयवार निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए कनिष्ठतम (Junior-most) शिक्षक को सबसे पहले स्थानांतरित किया जाएगा।
  • मानवीय दृष्टिकोण के तहत छूट: महिला शिक्षक, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले विकलांग शिक्षक, एवं ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में 1 वर्ष से कम समय शेष है, उन्हें अतिशेष मानकर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
  • अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थापना: रिक्त पदों की पूर्ति सबसे पहले अनुसूचित क्षेत्रों में की जाएगी। वहां न्यूनतम 3 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद ही गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में ट्रांसफर मिल सकेगा।

📌 महत्वपूर्ण मार्गदर्शी सिद्धांत (Key Policy Guidelines)

  • कार्यमुक्ति की समय-सीमा (Relieving Window): स्थानांतरण आदेश जारी होने के दो सप्ताह (14 दिन) के भीतर कर्मचारी को कार्यमुक्त होना अनिवार्य होगा। विशेष परिस्थिति में सक्षम अधिकारी लिखित में इसे अधिकतम 14 दिन और बढ़ा सकेंगे। समयावधि बीतने पर एकतरफा कार्यमुक्त (One-sided Relieving) किया जाएगा।
  • वेतन आहरण पर रोक: निर्धारित समयावधि के उपरांत स्थानांतरित कर्मचारी का वेतन पुरानी पदस्थापना से आहरित होना अनिवार्य रूप से बंद हो जाएगा।
  • गृह जिला स्थापना पर रोक: किन्हीं भी कार्यपालिक अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके गृह जिले में सामान्यतः पदस्थ नहीं किया जाएगा। हालांकि, अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, और परित्यक्ता महिलाओं को इसमें छूट रहेगी।
  • पति-पत्नी नीति व गंभीर बीमारी: पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने की नीति और कैंसर या डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों के आधार पर जिला मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर किए गए स्वैच्छिक तबादले तय प्रतिशत सीमा के अतिरिक्त माने जाएंगे।
  • कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को छूट: मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के निर्वाचित पदाधिकारियों को पद पर नियुक्ति के बाद अधिकतम दो पदावधि यानी 4 वर्ष तक स्थानांतरण से सामान्यतः छूट प्राप्त होगी।

📉 कम लिंगानुपात वाले 9 जिलों की सूची

नीति के अनुसार, प्रदेश के 900 से कम लिंगानुपात वाले निम्नलिखित जिलों में उच्च प्रशासनिक पदों पर यथासंभव महिला अधिकारियों की पदस्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी:

1. मुरैना (839) | 2. भिण्ड (838) | 3. ग्वालियर (862) | 4. शिवपुरी (877) | 5. दतिया (875) | 6. छतरपुर (884) | 7. सागर (896) | 8. विदिशा (897) | 9. रायसेन (899)


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⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह विवरण सामान्य प्रशासन विभाग (GAD MP) द्वारा जारी की गई आधिकारिक स्थानांतरण नीति-2026 के दस्तावेजों पर आधारित है। नीति के विशिष्ट तकनीकी प्रावधानों और विस्तृत उप-नियमों की पुष्टि के लिए कृपया विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी मूल हस्ताक्षरयुक्त पीडीएफ सर्कुलर का अवलोकन अवश्य करें।

MP EDUCATION GYAN DEEP के प्रिय पाठकों, मध्य प्रदेश की इस नवीन तबादला नीति और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण नियमों पर आपकी क्या राय है? अपने विचार और अनुभव नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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